कुछ वक्त तेरे साथ

कुछ वक्त तेरे साथ, गुजर जाये तो अच्छा,
माहोल ग़मे दिल का, बदल जाये तो अच्छा.

जबसे तुम्हे देखा है,यही सोंचता हूँ मै,
तुम जैसा जिंदगी में, कोई आये तो अच्छा.

इक बर्फ की चट्टान सी, सीने में जमीं है,
तेरे सांसो की गर्मी से,पिघल जाए तो अच्छा.

वैसे तो मुकद्दर से, शिकायत नहीं मगर,
तकदीर जरा और संवर जाए तो अच्छा.

इश्क के कुछ फूल, मेरे दिल में खिले है,
खुसबू से तेरा मन भी, महक जाए तो अच्छा.

दो जिस्म के मिलने का मजा, ख़ास नहीं है,
तेरी रूह मेरी रूह से मिल जाए तो अच्छा.

Check Also

परमात्मा तो पास ही है हम ही दूर हो गए हैं.

कैसा आस्चर्य है हम उसी को ढूढ़ रहे है जो हमारे सब से करीब है …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *