कौन हु मै

कौन हु मै, मुझे अहसास करादे मौला.
आईना मुझको, एकबार दिखादे मौला.

कौन से सहर से आया हु , मुझे जाना है कहा,
मेरी मंजिल का पता, मुझको बतादे मौला.

कहते है इश्क जो सच्चा है, तो मिलता है खुदा.
इस कदर मुझको भी, दीवाना बनादे मौला.

अँधेरी रात है, खोई खोई सी राहें है.
अपनी रहमत का ज़रा, सम्मा दिखादे मौला.

टूट जाउगा, बिखर जाऊंगा, मिट जाऊंगा.
तेरा दीवाना हूँ, जो चाहे सिला दे मौला.

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